कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में एक रिटायर्ड टीचर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं, जहां जालसाजों ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताकर 1.57 करोड़ रुपये ठग लिए। मामला जनवरी 2025 में एक फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ और करीब 13 महीने तक चलता रहा।
पीड़िता एलिसन वीम्स को यह भरोसा दिलाया गया कि वह एक नए स्कूल प्रोजेक्ट में निवेश कर रही हैं। उनकी प्रोफाइल के हिसाब से आरोपियों ने शिक्षा क्षेत्र में पार्टनरशिप का झांसा दिया। भरोसा बढ़ाने के लिए कई फर्जी पहचान सामने लाई गईं, जिनमें एलन मस्क के कथित सहयोगी, एक सिंगर जॉश टर्नर और एक कथित वकील अशोक सुरेश शामिल थे।
जांच में सामने आया कि यह एक “पिग बुचरिंग” स्कैम था, जिसमें लंबे समय तक बातचीत, व्हाट्सऐप चैट और कॉल के जरिए पीड़ित को फंसाया जाता है। आरोपियों ने उन्हें ट्रेडिंग अकाउंट खोलने और टैक्स, करेंसी कन्वर्जन, स्टांप ड्यूटी व लीगल फीस जैसे बहानों से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए।
जब पीड़िता को शक हुआ, तो जालसाजों ने ‘ मिरेकल गिवर’ और ‘ लीड इंडिया’ जैसी फर्जी संस्थाओं का सहारा लेकर पैसे वापस दिलाने का झांसा दिया और और रकम वसूलते रहे। इस दौरान पैसे पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 के बीच कुल ₹1,57,38,630 की ठगी की गई। पीड़िता ने 27 फरवरी 2026 को नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 16 मार्च को केस दर्ज हुआ।
जांच अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार अब तक 30.42 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम ट्रेस की जा चुकी है लेकिन बरामद नहीं हुई है। पुलिस इस मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में कर रही है।